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अगले वर्ष जिला मुख्यालय कांगड़ा में कंपनी का कार्यालय खोलेंगे पराशर


पहली नज़र ब्यूरो डाडासीबा
कैप्टन संजय पराशर प्रदेश और विशेष रूप से जिला कांगड़ा के उन युवाओं के लिए एक उम्मीद बने हैं, जोकि मर्चेंट नेवी के जरिए अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। यह पराशर के ही प्रयास हैं कि अब पहाड़ के युवाओं को मर्चेंट नेवी के लिए बड़े शहरों का रूख करने की बजाय अपने घर-द्वार पर ही मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। एंजेंटगिरी और फर्जी कंपनियों के चक्कर से बचाने के लिए पराशर ने हिमाचल सीफेर्रस एसोसिएशन का भी गठन किया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वहीं, संजय के माध्यम से प्रदेश के कुल 382 तो अकेले जिला कांगड़ा से 174 युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार मिला है। सही मायनों में कैप्टन संजय के कारण जिला कांगड़ा मर्चेंट नेवी का हब बनने लगा है और कई अन्य कंपनियां भी इस जिला में मेरीटाइम कार्यालय खाेलेन का रोड़ मैप तैयार कर चुकी हैं। वहीं, पराशर ने घोषणा की है कि अगले वर्ष अपनी कंपनी वीआर मेरीटाइम प्राइवेट सर्विसेस का शाखा कार्यालय जिला मुख्यालय कांगड़ा में भी खोला जाएगा।
दरअसल सामाजिक सरोकारों में बड़ी भूमिका निभाने वाले संजय का मुख्य ध्येय व विजन युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार उपलब्ध करवाना है। प्रदेश के युवाओं काे लंबे समय से युवाआें को रोजगार देने के लिए वह व्यक्तिगत तौर पर सक्रिय हैं। उनकी पत्नी सोनिका बताती हैं कि मुंबई स्थित अपने अावास पर पराशर हिमाचल से आने वाले युवाओं को ठहराते थे और दंपति द्वारा ही उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाती थी। वह युवाओं को मार्गदर्शन देते और फिर रोजगार भी दिलाते। यह सिलसिला अब भी निरंतर जारी है और अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना संजय का लक्ष्य है। अपना अनुभव सांझा करते हुए इन दिनों श्रीलंका में मर्चेंट नेवी में कार्यरत जिला कांगड़ा के जवाली के जरोट गांव के शुभम धीमान बताते हैं कि वह बीटेक और मर्चेंट नेवी का कोर्स करने के बाद चार वर्षों तक बेरोजगार थे और काम की तलाश में थे। एक दिन उन्होंने संजय से संबंधित एक खबर समाचारपत्र में पढ़ी। उसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर जाकर पराशर की कंपनी की बेवसाइट देखी और उनकी कंपनी के कार्यालयों के बारे में जानकारी ली। उसके बाद नौकरी के लिए आवेदन पत्र डाडासीबा कार्यालय में जमा करवाया दिया। बताया कि कुछ दिनों बाद आफिस से कॉल आई और साक्षात्कार हो गया। बताया गया कि इंटरव्यू में सफल हो गए हैं और नौकरी ज्वाईन कर लो। धीमान का कहना था कि पराशर के माध्यम से उन्हें पूरी पारदर्शिता व बिना किसी सिफारिश के नौकरी मिल गई, जिसके लिए वह कैप्टन संजय के ताउम्र आभारी रहेंगे। वहीं, प्रदेश के पांच युवा ऐसे भी रहे, जिन्हें एजेंटों ने नौकरी के एवज में लाखों रूपए हथिया लिए और परिवार की गाढ़ी कमाई लुटने के बाद वह हताश व निराश हो चुके थे। इन पांचों युवकों को भी संजय ने नौकरी दी।
धर्मशाला के गौरव सपेहिया, कांगड़ा के भवारना के अनूप गुप्ता, जसवां-परागपुर के गुरनबाड़ के शुभम, हमीरपुर के भोरंज के विनय कुमार और झन्यारा, हमीरपुर के विश्वजीत ठाकुर ने बताया कि वे एजेंटगिरी के चक्कर में लाखों रूपए गंवा चुके थे, लेकिन पराशर ने उन्हें सही तरीके से मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलवाई। इन युवाओं का कहना था कि कैप्टन संजय उनकी जिंदगी संवार दी, वर्ना वह कहीं के न रहते।
संजय पराशर का कहना है कि उनकी इच्छा है कि प्रदेश व जिला कांगड़ा में रोजगार के अधिक अवसरों का सृजन हो। वह इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिला कांगड़ा मुख्यालय पर उनकी कंपनी अपना शाखा कार्यालय खोलने जा रही है ताकि युवाओं को मर्चेंट नेवी के लिए अपने घर-द्वार पर ही प्रशिक्षण व मार्गदर्शन मिल सके।