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टीबी मुक्त अभियान में हमीरपुर देश भर में अग्रणी


पहली नज़र, हमीरपुर

vishak
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राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान के अंतर्गत हमीरपुर जिला में 2 से 10 नवंबर तक एक वर्ष से 19 वर्ष की आयु तक के बच्चों, किशोरों-किशोरियों को कृमिनाशक दवाई एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। इस अभियान में जिला के सभी 1,23,931 बच्चों एवं किशोरों-किशोरियों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त देवाश्वेता बनिक ने वीरवार को हमीर भवन में कृमि मुक्त अभियान की जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अभियान की रूपरेखा तय की।
   उन्होंने बताया कि सभी बच्चों तक कृमिनाशक दवाई पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीमें बना दी गई हैं और इन्हें विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि अभियान के लिए तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी कोरोना संबंधी सावधानियों का विशेष ध्यान रखें। अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण स्वच्छता समितियों के सदस्यों का भी सहयोग लें। झुग्गी-झोंपड़ी बस्तियों और श्रमिक बस्तियों के बच्चों पर विशेष रूप से फोकस करें।
  उपायुक्त ने कहा कि पेट में कृमि होने पर बच्चों का स्वास्थ्य काफी प्रभावित होता है और ऐसे बच्चों को अनीमिया भी हो सकता है। इसलिए 19 वर्ष तक के हर बच्चे तक एल्बेंडाजोल पहुंचनी चाहिए। इसके लिए बच्चों के अभिभावक भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग करें।
  देवाश्वेता बनिक ने कहा कि इस बार कृमि मुक्त अभियान कोरोना संकट के बीच आयोजित किया जा रहा है। इसलिए विभागीय टीमें कोरोना संबंधी सावधानियां बरतते हुए बच्चों को दवाई खिलाने के साथ-साथ आम लोगों को कोरोना के प्रति जागरुक भी करेंगी।
  बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना सोनी और विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कृमि मुक्ति अभियान की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी एचसी शर्मा और उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक दिलवरजीत चंद्र भी उपस्थित थे।

टीबी मुक्त अभियान में हमीरपुर देश भर में अग्रणी

उपायुक्त देवाश्वेता बनिक ने कहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ किए गए टीबी मुक्त अभियान में हमीरपुर देश भर के अग्रणी जिलों में शामिल है। इस वर्ष भी जिला को अव्वल स्थान पर लाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।

   वीरवार को हमीर भवन में अभियान की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए देवाश्वेता बनिक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी तर्ज पर प्रदेश सरकार ने हिमाचल को वर्ष 2021 तक टीबी मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश सरकार के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमीरपुर जिला में टीबी के रोगियों की पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। पिछले वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने जिला में लक्ष्य से 122 प्रतिशत अधिक टीबी रोगियों की पहचान करके उनका मुफ्त इलाज शुरू करवाया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष भी अभी तक जिला में 646 रोगियों का पता लगाकर उनका इलाज आरंभ करवाया गया है। इलाज के साथ-साथ इन्हें सही पोषण के लिए वित्तीय मदद भी उपलब्ध करवाई जा रही है।  टीबी के साथ-साथ अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार लोगों पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है।
  उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अभियान से संबंधित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करें तथा चिह्नित रोगियों को तुरंत लाभान्वित करके इनकी रिपोर्ट अपलोड करें। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अर्चना सोनी और टीबी मुक्त अभियान के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अभियान की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।

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